राम वन गमन पथ ‘आध्यात्मिक कॉरिडोर’ के रुप में हो विकसित – अमरपाल मौर्य
राम वन गमन पथ ‘आध्यात्मिक कॉरिडोर’ के रुप में हो विकसित – अमरपाल मौर्य
‘राम वन गमन पथ’ मार्ग पर बनाए जाए ‘श्री राम विश्राम गृह’ – अमर पाल मौर्य
इस योजना से पीएम के विरासत भी-विकास भी को लगेंगे पंख – अमर पाल मौर्य
अयोध्या से चित्रकूट तक की कार्ययोजना से ‘धार्मिक पर्यटन’ को मिलेंगी नई ऊँचाई
20 -25 किमी.पर विश्राम गृह बनने से श्रद्धालुओं को मिलेगा सुरक्षित ठहराव
रिपोर्ट – श्रीकृष्ण पाण्डेय
सुलतानपुर। भाजपा के राज्यसभा सांसद,भाजपा उत्तर प्रदेश के महामंत्री व काशी क्षेत्र प्रभारी अमरपाल मौर्य ने राम वन गमन मार्ग पर श्री राम विश्राम गृहों के निर्माण की मांग सोमवार 2 फरवरी को राज्यसभा में की है। उन्होंने राज्यसभा में सभापति के माध्यम से सरकार का ध्यान आध्यात्मिक चेतना के जीवंत मार्ग – ‘राम वन गमन पथ’ की ओर आकृष्ट कराया है।
उन्होंने कहा अयोध्या से चित्रकूट जाने वाला यह पावन मार्ग उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर,प्रतापगढ़, कौशाम्बी एवं प्रयागराज से होकर गुजरता है। जिसकी लंबाई लगभग 210 किलोमीटर है। उन्होंने कहा अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के पश्चात इस मार्ग पर यातायात में 300% से अधिक की वृद्धि हुई है।वर्तमान में प्रतिदिन 30,000 से अधिक श्रद्धालु इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं।यह मार्ग उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से उभरते हुए जिलों (सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज) से गुजरता है।लेकिन पदयात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए इस मार्ग पर रात्रि विश्राम की व्यवस्था नहीं है।महंगे निजी होटलों का बोझ सामान्य नागरिक नहीं उठा सकता।उन्होंने मांग की कि राम वन गमन पथ पर पदयात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु प्रत्येक 20-25 किलोमीटर की दूरी पर दोनों तरफ एक-एक विश्राम गृह के निर्माण की आवश्यकता है।जिससे यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव मिल सकेगा ।इन विश्राम गृहों के परिसर में उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद- एक उत्पाद’ योजना के तहत प्रतापगढ़ का आंवला, सुल्तानपुर और प्रयागराज का मूंज शिल्प, कौशाम्बी का केला,अयोध्या का गुड़ और चित्रकूट के लकड़ी के खिलौने के स्टॉल लगाए जाएँ।इससे स्थानीय ‘रेहड़ी-पटरी’ संचालकों और स्वयं सहायता समूहों को एक संगठित बाजार मिलेगा।
यह परियोजना न केवल ‘धार्मिक पर्यटन’ को नई ऊँचाई देगी,बल्कि प्रधानमंत्री के ‘विरासत भी, विकास भी’ के विजन को पंख लग सकेंगे। राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से ‘राम वन गमन पथ’ को एक ‘आध्यात्मिक कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने हेतु इस कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है।
राज्यसभा सांसद द्वारा राम वन गमन पथ पर विश्राम गृह बनाने व आध्यात्मिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किए जाने की मांग का भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी,राष्ट्रीय परिषद सदस्य डॉ एमपी सिंह,मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने स्वागत करते हुए उनका आभार प्रकट किया है।